E Tender Registration Online, टेंडर डालने की पुरी जानकारी, नियम

Name of service:-E-Tender registration online
Post Date:-09/12/2021
Post Update Date:-
Beneficiary:-Tenderers
Portal:-e-Tendring System Government of Bihar
Apply Mode:-Online
Short Information:-इस पोस्ट के माध्यम से आज हम जानेंगे कि टेंडर प्रक्रिया क्या है, सरकारी टेंडर कैसे भरते है?, टेंडर के नियम, E Tender registration के बारे में, साथ ही हम आपको ऑनलाइन टेंडर कैसे भरे,टेंडर कैसे देखे? आदि के बारे में भी बताएंगे। इस पोस्ट को पढ़कर आपको Tender Kaise Bhare 2021 से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी इसलिए इस पोस्ट पर अंत तक जुड़े रहे |

टेंडर प्रक्रिया क्या है

टेंडर प्रक्रिया एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से आप किसी भी इमारत या किसी सरकारी भवन आदि को बनाने की सारी जानकारी तथा उसमें लगने वाली कुल लागत का ब्यौरा भी होता है, किसी भी कंपनी की इमारत बनाने या व्यक्तिगत बिल्डिंग बनाने या फिर किसी भी प्रकार के सरकारी भवन, पुल, अस्पताल आदि बनाने के लिए टेंडर ओपन किए जाते हैं, जिसमें अलग-अलग प्रकार की कंपनियां तथा लाइसेंसधारी ठेकेदार टेंडर भरते हैं |

टेंडर (Tender) एक अंग्रेजी शब्द है और हिंदी में इसे निविदा कहते है, जिस भी व्यक्ति या कंपनी को अपने भवन निर्माण के लिए टेंडर ओपन करना होता है वहां सभी लोगों के टेंडर को शामिल करती हैं तथा उसके बाद सभी टेंडरों का निरीक्षण करने के पश्चात जेंडर को सुनिश्चित करते हैं|

टेंडर व्यवस्था का अर्थ यह होता है कि किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए अलग-अलग लोगों से आवेदन तथा कुल खर्च के बारे में जानकारी मंगाई जाए और सबसे कम मूल्य को स्वीकार कर लिया जाए, कम खर्च के साथ-साथ ठेकेदार द्वारा प्रदान किए जाने वाली सेवाओं का भी ध्यान टेंडर चुनने में रखा जाता है।

टेंडर कितने प्रकार के होते हैं

टेंडर के बारे में जानने के बाद अब हम जान लेते हैं कि यह कितने प्रकार क्योंकि कौन-कौन से ठेकेदारों से टेंडर मंगाए जाए और तथा कुल कितने टेंडर मंगाए जाए तो इसके लिए हमें यह जानना होगा कि टेंडर कितने प्रकार के होते हैं :-

टेंडर चार प्रकार के होते हैं:-

  • Single tender | सिंगल टेंडर
  • Limited tender | लिमिटेड टेंडर
  • Open tender | ओपन टेंडर
  • Global tender | ग्लोबल टेंड
  1. Single Tender :- सिंगल टेंडर के बारे में आम भाषा में समझाएं तो यह टेंडर होता है जिसमें केवल एक ही वेंडर या ठेकेदार से आवेदन या निविदाए एकत्रित की जाते हैं, इस प्रकार के टेंडर को सिंगल टेंडर सिस्टम कहते हैं| सिंगल टेंडर को आमतौर पर एकाधिक्रति वस्तुओं के मामले में अपनाया जाता है| इसके अलावा कई बार सिंगल टेंडर की व्यवस्था को इमरजेंसी की हालात में यानी अधिक आवश्यक के समय अपनाई जाती है, सिंगल टेंडर में किसी भी प्रकार की ठेकेदार की कंपटीशन या प्रतिस्पर्धा नहीं होती हैं जिसके कारण डिपार्टमेंट को कभी-कभी नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
  2. Limited tender:- ऐसा टेंडर जिसमें कुछ चुनिंदा और सीमित ठेकेदारों को ही आवेदन के लिए बुलाया जाता है उसे लिमिटेड टेंडर कहते हैं| आमतौर पर ₹500000 से कम के प्रोजेक्ट कार्यों के लिए लिमिटेड टेंडर व्यवस्था को अधिक अपनाया जाता है लेकिन इसमें मूल्य को बढ़ाया भी जा सकता है।
  3. Open tender:- ओपन टेंडर टेंडर व्यवस्था का ऐसा प्रकार है जिसमें कोई भी ठेकेदार या कंपनी जो इसके योग्य हो वह भाग ले सकते है। ओपन टेंडर अवस्था में रजिस्टर्ड वेंडरों यह कहे कि ऐसे ठेकेदार जिनके पास लाइसेंस है वह तो भाग ले सकते हैं बल्कि साथ ही किसी अन्य ठेकेदार या कंपनी को भी दिया जा सकता है जो इस काम को करने के योग्य हो |
  4. Global Tender:- यह एक ऐसा सिस्टम होता है जिसके माध्यम से किन्ही दो या दो से अधिक देशों के लोग या कंपनी टेंडर दाखिल कर सकते हैं |

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E-Tender Kya Hai

पहले के समय टेंडर व्यवस्था किसी हॉल, या किसी ऐसी स्थान पर आयोजित की जाती थी जहां पर सभी व्यक्तियों के अपना टेंडर दाखिल करना चाहते थे वहां आकर टेंडर जमा करते थे लेकिन अब सरकार द्वारा टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है, जिसके माध्यम से अब जो भी व्यक्ति टेंडर दायर करना चाहता है वहां E-Tender के रूप में ऑनलाइन ही अपना टेंडर दाखिल कर सकता है |

सरकार द्वारा जारी की गयी इस नई E-Tender व्यवस्था के अंतर्गत पूरी टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। टेंडर भरने के लिए अब लोगो को जिस भी विभाग द्वारा टेंडर निकाला गया है उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फार्म प्राप्त कर लेना है|E-Tender System मैं फॉर्म भरने से लेकर, टेंडर खुलने, रिजेक्ट होने या फिर टेंडर मिलने संबंधी सभी जानकारियां घर बैठे ऑनलाइन ही प्राप्त कर सकेंगे। यहाँ तक कि E Tender के माध्यम से आप उनका पेमेंट भी ऑनलाइन माध्यम से किया जायेगा | टेंडर के लिए निर्धारित शुल्क (Tender Fees) और सिक्योरिटी मनी के भुगतान और वापसी ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से किया जायेगा।

टेंडर भरने के लिए जरूरी दस्तावेज बिहार क्या है

किसी भी ईटेंडर को दाखिल करने के लिए आपके पास निम्न दस्तावेज होना भी जरूरी है:-

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • जीएसटी प्रमाण पत्र
  • चरित्र प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • ईमेल आईडी
  • ठेकेदारी लाइसेंस
  • पुलिस द्वारा सत्यापित प्रमाण पत्र

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अगर आपको कोई भी Documents Resize करना है तो आप इस वेबसाइट Photo/Signature resize के थ्रू कर सकते हैं

Interested Candidates Can Read the Full Notification Before Apply Online

Important Link

E-Tender Online Registration Click Here
Tender LoginClick Here
Tender Free ViewClick Here
E-Tender Helpline NumberClick Here
e-Tendring PortalClick Here
Bihar Official WebsiteClick Here
Note:-
आपको टेंडर को भरने से पहले उससे जुड़ी सारी जानकारी विस्तृत रूप से जमा कर लेनी है |
ऑनलाइन टेंडर दाखिल करने के लिए आपको रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य हैं|

टेंडर के नियम

अब हम बात कर लेते हैं कि टेंडर भरने के लिए किन नियमों का पालन करना आवश्यक होता है, हमने आपकी सुविधा के लिए नीचे उन नियमों की सूची प्रस्तुत की है जिसमें कि आमतौर पर किसी सरकारी या प्रशासनिक प्रोजेक्ट या फिर किसी अन्य सामान्य प्रोजेक्ट के लिए टेंडर लेने के लिए नियम निर्धारित किए जाते हैं|

टेंडर भरने के लिए आवश्यक नियमों की सूची इस प्रकार है:-

  • आपको टेंडर भरते समय सारी जानकारी सही देनी है, लेकिन टेंडर भरते समय होने वाली सभी गलतियों एवं परिवर्तनों के स्थान पर टेंडरदाता (दाताओं) के आद्यक्षर द्वारा सत्यापित होना चाहिए. अंको पर दोबारा घोटने की अनुमति नहीं है। इसका अनुपालन न करने पर टेंडर अस्वीकृत किया जाएगा।
  • टेंडर भरने वाले व्यक्ति को बताते की टेंडर खुलने के बाद दर या शों में परिवर्तन करने संबंधी सूचना पर विचार नहीं किया जाएगा।
  • यदि कोई व्यक्ति अकेला ही टेंडर दायर कर रहा है तो वह पते का दस्तावेज़ी सबूत अर्थात विद्युत बिल, , रेशन कार्ड, पैन कार्ड किराया बिल आदि साथ संलग्न होना चाहिए।
  • टेंडरदाता द्वारा टेंडर के साथ टेंडर अधिसूचना जारी होने की तारीख के 3 माह पूर्व से अधिक जो टेंडरदाता के नाम से जारी किया गया पुलिस जांच प्रमाणपत्र संलग्न हो।
  • किसी भी राजपत्रित अधिकारी या विषेश कार्यकारी मैजिस्ट्रेट या विधायक/सांसद द्वारा टेंडरदाता के नाम से जारी किया गया चरित्र प्रमाण पत्र जो टेंडर अधिसूचना जारी होने के 3 माह से अधिक पूर्व का न हो को टेंडरफार्म के साथ संलग्न किया जाना चाहिए।
  • टेंडर फार्म के साथ PAN No. और सर्विस टैक्स रजिस्ट्रेशन नंबर का वैध प्रमाणपत्र संलग्न होना चाहिए, ऐसा न रकने पर टेंडर अस्वीकृत किया जाएगा।
  • टेंडरदाता के नाम का वैध टेलीफोन नंबर/मोबाइन नंबर टेंडर फार्म में दर्शाना होगा तथा उस संबंधी दस्तावेज़ी सबूत भी टेंडरफार्म के साथ जोड़ना होगा। जिससे कि आपका टेंडर सिलेक्ट होने पर आपको संपर्क किया जा सके|
  • जो भी व्यक्ति पर निर्भर रहा है वह टेंडर भरने संबंधी सभी आवश्यक जानकारी स्वयं के खर्च से प्राप्त करें एवं उसे सभी स्थानीय शर्ते कार्य करने के स्थान, कार्य का प्रकार तथा उससे संबंधित सभी बातों से स्वयं को अवगत करा लें।
  • मूल टेंडर दस्तावेज टेंडर दाता द्वारा भरे एवं हस्ताक्षरित होना तथा टेंडर आवेदन फार्म में दर्शाए गए सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न होना चाहिए। टेंडर के लिफाफे पर स्पष्ट रूप से टेंडर संख्या एवं उसका विवरण तथा अन्य विवरण विधिवत् सीलबंद होना चाहिए।
  • टेंडर डालते समय यदि आवश्यक दस्तावेज निविदाकर्ता द्वारा जोडे नहीं गए तो टेंडरों पर विचार नहीं किया जाएगा। निविदाकर्ता द्वारा दी गई जानकारी जॉच की जाएगी।
  • जिस भी कंपनी या सरकारी प्रशासन का टेंडर प्राप्त कर रहे हैं वह, उच्चतम ऑफर को या अन्य किसी टेंडर को स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं होगा

सरकारी टेंडर कैसे ले?

अगर आप सरकारी टेंडर लेना चाहते हैं तो आपको बता दें कि किसी भी सरकारी विभाग द्वारा जारी टेंडर प्रक्रिया में कोई भी व्यक्ति भाग ले सकता है, परन्तु टेंडर दाखिल करने के लिए आपको कुछ नियमों का पालन करते हुए विभाग द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा करना होता है | यह नियम तथा अलग-अलग प्रकार की शर्तें टेंडर में निविदादाता द्वारा दी गयी होती है |

विभाग द्वारा जो जिस प्रकार की शर्तें तय की जाती हैं उनमें मुख्य रूप से कार्य करनें की समय अवधि, कार्य की दरे, अनुमानित लागत के साथ-साथ कुछ जरूरी एवं महत्वपूर्ण सुझाव दिये गये होते है | किसी भी ठेकेदार द्वारा टेंडर लेते समय ठेकेदार और निविदादाता के बीच एक अनुबंध यह कहे कि एक प्रकार का कॉन्ट्रैक्ट कराया जाता है, ताकि किसी प्रकार की समस्या होनें पर क़ानूनी कार्यवाही की जा सके |   

अब अगर आप सरकारी टेंडर लेना चाहते हैं तो इसके लिए आपको जिस भी विभाग का टेंडर ऑफ प्राप्त करना चाहते हैं उसकी वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा और साथ ही आपको टेंडर भरने में लगने वाले सभी जरूरी दस्तावेजों को पूरी तरह से बनवा कर सत्यापित करके रखना है|

टेंडर कैसे भरते है? E Tender Registration

टेंडर के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करे?

चलिए अब हम बात कर लेते हैं कि आप टेंडर भरने के लिए रजिस्ट्रेशन किस प्रकार से कर सकते हैं| अगर आप बिहार राज्य के निवासी हैं तो निर्णय प्रक्रिया के माध्यम से आप टेंडर के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं :-

  • टेंडर के लिए रजिस्ट्रेशन करने के लिए सबसे पहले आपको बिहार राज्य के E-Tender Portal पर जाना है, जिसका लिंक हमने आपको ऊपर इंपॉर्टेंट लिंक सेक्शन में दे रखा है आप उस पर क्लिक करके सीधे ही ई टेंडर वेबसाइट के होम पेज पर पहुंच जाएंगे |
  • यहां पर आपको कई अलग-अलग प्रकार के टाइप दिखाई देंगे लेकिन आपको टेंडर के लिए रजिस्ट्रेशन करने हेतु Registration टैब पर क्लिक करना है|
  • जैसे ही आपके करेंगे आपके सामने कुछ इस प्रकार का पेज ओपन हो जाएगा:-
E Tender Registration
  • यहां पर आपके सामने वेंडर रजिस्ट्रेशन का पेज ओपन हो जाएगा जिसमें आपको सबसे पहले वेंडर इंफॉर्मेशन में अपने बारे में जानकारी देनी है|
  • इसके बाद आपको अपने बारे में संपर्क विवरण देना है| जिसमें मोबाइल नंबर ईमेल आईडी तथा अन्य संपर्क विवरण शामिल है|
  • इसके बाद आपको कुछ दस्तावेज अपलोड करने के लिए कहा जाएगा जिन्हें आप को स्कैन करके अपलोड करना है|
  • सारी जानकारी देने के बाद अंत में आपको टेंडर रजिस्ट्रेशन से जुड़ी संबंधित नियम एवं शर्तें को पढ़ना है तथा उन्हें स्वीकार करना है|
  • नियम एवं शर्तों को शिकार करने के पश्चात अंत में आपको नीचे दिखाई दे रहे कैप्चा कोड को फिल करना है और सबमिट का आप्शन क्लिक कर देना है|
  • आपका आपका टेंडर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन स्वीकार कर लिया जाएगा तथा 24 घंटे के पश्चात आपको जवाब प्रदान कर दिया जाएगा|

रोड का टेंडर कैसे ले?

अगर आप किसी रोड का टेंडर लेना चाहते हैं तो इसके लिए आपको ऊपर दी गई प्रक्रिया के माध्यम से सबसे पहले अपना रजिस्ट्रेशन ई टेंडर के लिए करवाना होगा|

राज्य सरकार के E Tender पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन संपन्न हो जाने के बाद आपको रोड संबंधित टेंडर प्रस्तुत होने की जानकारी प्राप्त करनी है, जो कि आपको ऑफिशल पोर्टल पर प्रदर्शित हो जाएगी|

जानकारी प्राप्त करने के बाद आपको जिस भी प्रोजेक्ट के लिए टेंडर दाखिल करना है उस विभाग या डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना टेंडर तथा उससे जुड़ी सारी प्रकार की जानकारी सही रूप से दाखिल कर देना है|

इस प्रकार आप आसानी से रोड का टेंडर ले सकते हैं, तथा अगर आप चाहे तो इसी प्रक्रिया के माध्यम से आप किसी अन्य कार्य के लिए भी टेंडर ले सकते हैं|

टेंडर कैसे देखे?

अगर आपने किसी भी विभाग के लिए या फिर किसी प्राइवेट कंपनी ने टेंडर मंगवाए थे और कई लोगों ने यहां पर टेंडर सबमिट किए हैं, अब आपको यह देखना है कि जिस भी व्यक्ति का टेंडर सिलेक्ट हुआ है या जब भी टेंडर खुलेगा तो आप वहां ऑनलाइन कैसे देखें?, तो

इसके लिए आपको जैसे भी विभाग का टेंडर पता करना है तो ऑफिशल वेबसाइट पर जाना है, यहां पर से आपको सर्च के ऑप्शन पर क्लिक करना है, जैसे ही आप क्लिक करेंगे आपके सामने सर्च बार ओपन हो जाएगा जिसमें आपको जिस दिन लोकेशन का टेंडर पता करना है उस लोकेशन को डालना है और सर्च के ऑप्शन पर क्लिक कर देना है| आपके सामने उसे लोकेशन से जुड़े टेंडर की जानकारी प्राप्त हो जाएगी,

अब यदि आपको लॉग इन करने के पश्चात टेंडर से जुड़ी जानकारी प्राप्त करनी है तो इसके लिए आपको सबसे पहले लॉगिन कर लेना है |लॉग इन करने के बाद आपके सामने डैशबोर्ड ओपन हो जाएगा जहां पर से आप जिस भी जिस भी विभाग के टेंडर की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं वह कर सकते हैं| अगर आप चाहे तो बिना लॉग-इन किए भी टेंडरों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं|

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Frequently Asked Questions FAQ

1 Q टेंडर कितने प्रकार के होते हैं?

Ans टेंडर कुल चार प्रकार के होते हैं :- सिंगल टेंडर, ओपन टेंडर, लिमिटेड टेंडर, ग्लोबल टेंडर |

2 Q टेंडर कैसे भरते है?

Ans वर्तमान समय में आप जिस विभाग का टेंडर भरना चाहते हैं उसके लिए आप ऑफिशियल वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद ई टेंडर भर सकते हैं|

3 Q ऑनलाइन टेंडर कैसे देखें?

Ans इसके लिए आपको सबसे पहले ऑनलाइन ई टेंडर वेबसाइट पर जाना है और सर्च बार में जाकर लोकेशन को सर्च कर लेना है, जिससे लोकेशन ऑफ टेंडर देखना चाहते हैं वहां आपके सामने प्रदर्शित हो जाएगा|

4 Q टेंडर कैसे कहते हैं?

Ans टेंडर एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा से आप किसी भी विभाग द्वारा जारी किए गए प्रोजेक्ट या निर्माण कार्य आदि को बनाने की सारी जानकारी तथा उसमें लगने वाली कुल लागत का ब्यौरा भी होता है,

5 Q टेंडर (Tender) को हिंदी में क्या कहते है?

Ans टेंडर (Tender) एक अंग्रेजी शब्द है और हिंदी में इसे निविदा कहते है|

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